Die beschwerliche Flucht aus Syrien nach Deutschland

Laut UN-Angaben sind 10,7 Millionen Syrer auf der Flucht. Das ist mehr als die Hälfte der syrischen Bevölkerung. 75 Prozent der Flüchtlinge sollen Frauen und Kinder sein. Sie fliehen vor der Terrormiliz Islamischer Staat (IS) und dem Bürgerkrieg im Land. Nach Angaben des Bundesamts für Migration und Flüchtlinge (BAMF) haben im Zeitraum vom 1. Januar bis 31. Oktober 2015 100.248 Syrer in Deutschland Erstanträge auf Asyl gestellt. Das entspricht bei einer Gesamtzahl von 331.226 in Deutschland gestellten Erstanträgen rund 30,3 Prozent.

Islamischer Staat

Einflussbereich der IS

Die Terror-Organisation IS kontrolliert weite Teile Syriens, zeitweise war von mehr als 50 Prozent die Rede. Das erschwert die Flucht für viele Syrer nach Europa, insbesondere derer aus Zentral-, Ost- und Südostsyrien.

Geld

Für Schlepper ist das Flüchtlingsdrama ein Milliardengeschäft. Eine Flucht kostet viel Geld, offizielle Angaben gibt es nicht. Von vier- bis fünfstelligen Beträgen ist die Rede, die an Schlepper bezahlt werden müssen. Überfahrten mit Booten bzw. Schiffen sind günstiger als der Landweg. Seit März dieses Jahres lässt die Türkei Flüchtlinge nach Angaben von Human Rights Watch nur noch in Ausnahmefällen legal ins Land. Die Schutzsuchenden sind auf Schlepper angewiesen.

Geld

Das Problem: Durch den mehr als vier Jahre andauernden Bürgerkrieg in Syrien sank die Wirtschaftskraft des Landes. Betrug das Bruttoinlandsprodukt je Einwohner im Jahr 2010 noch 2.612 Euro, lag es 2014 nur noch bei 1.297 Euro. Das jährliche Durchschnittseinkommen eines Syrers soll inoffiziellen Angaben zufolge bei rund 2.700 Euro liegen. Die Kosten für eine Flucht sind daher nur schwer zu stemmen.

Meer

Meer

Viele Syrer fliehen von der türkischen Mittelmeerküste über die Ägäis nach Griechenland. Vom türkischen Bodrum bis zum griechischen Kos sind es auf direktem Weg 19 Kilometer mit dem Boot. Nach Angaben des UN-Flüchtlingshilfswerks UNHCR sind in diesem Jahr rund 650.000 Flüchtlinge aus der Türkei über den Seeweg nach Griechenland gekommen. Mehr als 60 Prozent davon stammen aus Syrien.

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Laut der Internationalen Organisation für Migration (IOM) ertranken bis Ende Oktober 2015 mindestens 3.329 Flüchtlinge im Mittelmeer - mehr als im gesamten Vorjahr (3.279 Tote). Kleine Schlauchboote werden meist von Schleppern besorgt und oftmals mit Flüchtlingen überladen.

Die Ägäis ist ein großes Seegebiet mit einem als normal eingestuften Wellengang. Trotzdem können die Wellen bis zu 1,8 Meter hoch werden. Im Herbst ist der Seegang durch Tiefausläufer, die das Meer vom Westen her aufpeitschen, noch unruhiger als im Sommer.

Grenzzäune

Ungarn riegelte die Grenze zu Serbien im September sowie zu Kroatien im Oktober per Stacheldraht ab. Als Folge wurde der EU-Nachbar Slowenien zu einem Brennpunkt in der Flüchtlingskrise. Am 11. November fing auch Slowenien an, einen Grenzzaun zu Kroatien zu bauen. Damit sollte der Ansturm von Flüchtlingen und Migranten aus Kroatien in Richtung Österreich und Deutschland kontrolliert werden. Die Grenze selbst bleibt offen.

Für die Flüchtlinge hatte sich nach der Schließung der ungarischen Grenze die Fluchtroute über den Balkan geändert. Ging die Flucht früher von Syrien nach Deutschland meist über die Türkei, Griechenland, Mazedonien, Serbien, Ungarn und Österreich, müssen die Flüchtlinge nun einen Umweg nehmen. Die beiden gängigen Balkanrouten sind von Syrien über die Türkei, Griechenland, Mazedonien, Serbien, Kroatien, Slowenien, Österreich nach Deutschland. Oder von Syrien über die Türkei, Griechenland, Mazedonien, Kosovo, Serbien, Bosnien-Herzegowina, Kroatien, Slowenien, Österreich nach Deutschland.

Karte

Der Weg über Kroatien birgt Gefahren. Minen aus den Balkankriegen der 90er-Jahre machen die Flucht durch Kroatien teils lebensgefährlich.

Minen

Distanz

Von der syrischen Hauptstadt Damaskus bis an die türkische Mittelmeerküste Bodrum, von wo aus sich viele Flüchtlinge per Schlauchboot in Richtung griechische Inseln (Kos, Lesbos etc.) aufmachen, sind es zu Fuß mehr als 1.500 Kilometer bzw. rund 310 Stunden.

Von Kos dauert die rund 1.250 Kilometer lange Überfahrt mit der Fähre über die Inseln Leros und Kalymnos bis aufs griechische Festland (Thessaloniki) rund 30 Stunden. Der Weg von Thessaloniki über Mazedonien, Serbien, Kroatien, Slowenien, Österreich nach Passau beträgt zu Fuß mehr als 1.530 Kilometer (zu Fuß mehr als 320 Stunden). Die Lage hat sich für Flüchtlinge seit Ende Oktober allerdings etwas entspannt. Die Länder in Südosteuropa haben die Durchreise deutlich besser organisiert. Von der griechischen Grenze kommen Flüchtlinge mehrmals täglich mit Sonderzügen nach Südserbien. Dort werden sie registriert und in Reisebussen in die serbische Grenzstadt Sid gebracht.

Am Bahnhof Sid werden die Flüchtlinge von kroatischen Sonderzügen zu einem winterfesten Lager am Drehkreuz Slavonski Brod transportiert. Von dort geht es per Bahn weiter ins slowenische Städtchen Dobova. Die slowenische Eisenbahn fährt die Menschen dann weiter an die österreichische Grenze zum Ort Sentilj. Von dort ist es nur noch ein kurzer Fußweg bis nach Österreich.

DamaskusSyrien
1500km310 Stunden
BodrumTürkei
MünchenDeutschland
690km143 Stunden
HamburgDeutschland
Überfahrt mit dem Schlauchboot
KosGriechenland
1250km30 Stunden
ThessalonikiGriechenland
1530km320 Stunden
PassauDeutschland

Flüchtlingslager

Immer wieder wurde über katastrophale Zustände in Flüchtlingslagern in ganz Europa berichtet. Die Unterkünfte waren teilweise überfüllt, es gab zu wenige Schlafplätze. Auch hygienische Standards sollen nicht immer eingehalten worden sein und bisweilen waren Flüchtlinge aufeinander losgegangen.

Im August prangerte Amnesty International chaotische Zustände im österreichischen Flüchtlingscamp Traiskirchen an. Es sei völlig überbelegt gewesen und es habe unzureichende medizinische und soziale Versorgung gegeben.

Im Flüchtlingslager im ungarischen Röszke wurden Flüchtlinge von Beamten wie Tiere gefüttert, wie auf einem Video aus dem September zu sehen ist. Sie warfen das Essen in die Luft, Flüchtlinge drängten sich in einem Pulk so nah wie möglich nach vorne, um an das Essen zu kommen.

Das slowenische Brezice war im Oktober von den ankommenden Massen überfordert, im Flüchtlingsheim ging es teilweise chaotisch zu. Es fehlte zeitweise an Wasser und Essen. Flüchtlinge zündeten aus Wut und Verzweiflung Zelte an. Auch Deutschlands Innenminister Thomas de Maizière räumte Anfang Oktober ein, manche Flüchtlingsunterkunft in Deutschland sei überfüllt und nicht angenehm, aber alle Verantwortlichen gäben sich große Mühe.

„Es geht im Moment nicht anders.“ – Thomas de Maizière

Thomas de Maizière

Wetter

Der Winter steht vor der Tür, die Temperaturen sinken. Im November beträgt die Durchschnittstemperatur in Damaskus 13,1 Grad Celsius, in Spielfeld an der österreich-slowenischen Grenze lediglich 4,2 Grad Celsius. In den Wintermonaten sinken die Temperaturen in Spielfeld teils unter den Gefrierpunkt.

Selbst in Deutschland sind die Flüchtlinge vor den Gefahren des immer näher rückenden Winters nicht gefeit. Zelte wurden immerhin nach und nach winterfest gemacht.

Temperatur

Asylantrag

Syrische Flüchtlinge genossen in Deutschland lange Zeit einen Sonderstatus. Am 10. November beschloss das Innenministerium allerdings, das Dublin-Verfahren auch für Syrer wieder anzuwenden. Menschen aus dem Bürgerkriegsland können somit in die EU-Länder zurückgeschickt werden, über die sie in die Europäische Union eingereist waren.

Das BAMF prüft nun wieder in jedem Einzelfall alle Aspekte für einen sogenannten Selbsteintritt Deutschlands, also die Übernahme in das nationale Asylverfahren. Von Januar bis Ende Oktober 2015 haben laut UNHCR 100.248 Syrer Asyl in Deutschland beantragt. 88,5 Prozent der syrischen Flüchtlinge erhalten in Deutschland einen Schutzstatus. Bislang bekamen sie nach durchschnittlich vier Monaten Bescheid, ob ihr Asylantrag bewilligt wird.

Anfang November einigte sich die Regierung auf ein beschleunigtes Asylverfahren. Schnellverfahren sollen innerhalb von drei Wochen abgeschlossen werden.

fence